तेलुगू सुपरस्टार महेश बाबू ने गुरुवार को यहां अपने पिता व अभिनेता कृष्णा के साथ अपनी सौतेली मां और मशहूर अभिनेत्री व फिल्मकार विजया निर्मला की मूर्ति का अनावरण किया. विजया निर्मला की 74वीं जयंती के अवसर पर भव्य उद्घाटन किया गया.

विजया निर्मला ने अपने तीन दशक लंबे करियर में 200 से अधिक फिल्मों में काम किया है और 44 फिल्मों का निर्देशन किया है. साल 2019 के जून में उन्होंने अपनी जिंदगी की आखिरी सांस लीं.

उन्होंने सन 1950 में महज पांच साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘माच्चा रेकाई’ से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा और ग्यारह साल की उम्र में फिल्म ‘पांडुरंग महाथयाम’ के साथ उन्होंने तेलुगू में अपना डेब्यू किया.

साल 1964 में आई मलयालम फिल्म ‘भार्गवी नियलम’ से उन्हें लोकप्रियता मिली. इस फिल्म में उनके साथ प्रेम नजीर थे जिनके साथ उन्होंने दोबारा ‘उद्योगस्था’ में काम किया.

एक मुख्य अभिनेत्री के तौर पर उन्होंने ‘रंगुला रत्नम’ से तेलुगू फिल्म में डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ वाणीश्री और अंजलि देवी थीं.

साल 1967 में तेलुगू फिल्म ‘साक्षी’ के सेट पर अभिनेता कृष्णा से उनकी मुलाकात हुईं, जिनके साथ उन्होंने 47 फिल्मों में काम किया और आखिरकार दोनों ने एक-दूसरे से शादी की ली. हालांकि यह उनकी दूसरी शादी थी.

विजया निर्मला उन चंद अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवाया.

साल 1971 में तेलुगू फिल्म ‘मीना’ से उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा. इसके दो साल बाद उन्होंने अपनी पहली मलयालम फिल्म ‘कविता’ का निर्देशन किया.

वह इकलौती ऐसी महिला निर्देशक हैं, जिन्होंने शिवाजी गणेशन और रजनीकांत जैसे दक्षिण भारत के बड़े सितारों संग काम किया है.

निर्देशन के क्षेत्र में उनके खाते में 44 फिल्में हैं. एक महिला फिल्मकार द्वारा निर्देशित सर्वाधिक फिल्मों के चलते उनके नाम गिनीज रिकॉर्ड भी दर्ज है.

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