छपाक मूवी रिव्यू रेटिंग: 3/5 स्टार्स (तीन स्टार)

स्टार कास्ट: दीपिका पादुकोण, विक्रांत मैसी, मधुरजीत सरगी, इप्शिता चक्रवर्ती

निर्देशक: मेघना गुलज़ार

क्या अच्छा है: न केवल आपके अंदर के इंसान को हिला कर रख देगा, बल्कि आपके अंदर एक अशांति को भी पैदा करता है. वहीं, दीपिका पादुकोण भावनात्मक प्रदर्शन के बीच खुद को भी संतुलित रखती हैं.

क्या बुरा है: जब यह समाप्त होता है, तो यह आपको एक अधूरी भावना के साथ छोड़ देता है कि यह कितना बेहतर हो सकता है.

लू ब्रेक: शायद कुछ को लुभाए लेकिन जो लोग जानते हैं कि फिल्म किस बारे में है, उन्हें कोई आवश्यकता नहीं होगी.

देखें या नहीं?: दीपिका पादुकोण के प्रदर्शन के लिए इसे देखें और कुछ पारंपरिक कानूनों के बारे में कुछ ज्ञान प्राप्त करें, जिसका कोई मतलब नहीं है.

छपाक मूवी रिव्यू: दीपिका पादुकोण आपके अंदर के इंसान को हिला कर रख देंगी!
छपाक मूवी रिव्यू: दीपिका पादुकोण आपके अंदर के इंसान को हिला कर रख देंगी!

एक एसिड-अटैक सर्वाइवर मालती (दीपिका पादुकोण) की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमते हुए, यह कहानी उसके जीवन के 13 साल के सफर को दिखाती है. 12वीं कक्षा से न्यायालय के मामले की सुनवाई तक के बीच में जो उसके साथ घटना हुई, हम उसी बीच के सफर में हुए उसके साथ उतार-चढ़ाव को देखते हैं. इसके बाद नौकरी की तलाश के दौरान मालती की जिदंगी मोड़ लेती है, उसके जीवन में अमोल (विक्रांत मैसी) की एंट्री होती है. अमोल, जो छाया नाम का एक एनजीओ चलाता है. यह एनजीओ एसिड-अटैक सर्वाइवर्स की मदद करता है.

मालती उसे इस कारण से अपने सफर में शामिल करती है. वहीं, अन्य किरदार के माध्यम से अपने सफर की ओर निकल पड़ती है. फिर शुरू होता है एक संर्घष सफर, जिसमें वह सबसे पहले एसिड की खुली बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग करती है. इसके लिए वह अपने द्वारा दायर जनहित याचिका (पब्लिश इंटरेस्ट लिटिगेशन) के लिए लड़ने का साहस भी जुटाती है. यह सब उसके बारे में है कि वह इस तथ्य से गुजरती है कि एसिड की कुछ बूंदें उससे सब कुछ नहीं ले सकती हैं.

छपाक मूवी रिव्यू: स्क्रिप्ट एनालिसिस

मेघना ने अपनी पहली दो शानदार फिल्मों (तलवार और राज़ी) में से किसी की भी स्क्रिप्ट पूरी तरीके से नहीं लिखी है. तलवार की कहानी विशाल भारद्वाज और राज़ी की कहानी हरिंदर सिक्का की थी. यहां तक कि छपाक की कहानी और संवादों के लिए मेघना की मदद अतीका चैहान ने की थी. फिल्म का बेस सटीक रूप से गति को संभाल के रखता है, जो पहले हाफ तक काफी सफल है. इन्टर्मिशन के दौरान मेरे दिमाग में एक ख्याल आता है- “ज्यादातर सब कुछ पूरा हो चुका है, अब क्या?”

दरअसल, यह काफी शांत पल है, जिसका आप आराम से आंनद ले सकते हैं. लेकिन इस शर्त के साथ की इस स्थिति को आप पहले समायोजित करें. मालती के सामने लोगों के द्वारा की गई भोजन करने की अनदेखी, आपको अपने अंदर छुपे इंसान से मिलवाता है कि कैसे हमारे एक इशारे से किसी को दुख पहुंचता है. मुझे स्क्रिप्ट में मुख्य रूप से चार समस्याएं लगी हैं- सुस्त कोर्टरूम सीक्वेंस, मालती का परिवार पूरी तरह से फोकस से बाहर था, मजबूत कहानी के साथ एक मजबूत क्लाइमेक्स और रोमांटिक एंगल काम करने की जरूरत है.

छपाक मूवी रिव्यू: दीपिका पादुकोण आपके अंदर के इंसान को हिला कर रख देंगी!
छपाक मूवी रिव्यू: दीपिका पादुकोण आपके अंदर के इंसान को हिला कर रख देंगी!

छपाक मूवी रिव्यू: स्टार परफॉर्मेंस

मालती और प्रोस्थेटिक्स के किरदार को एक ऐसे अभिनेता की आवश्यकता थी जो इसके जटिल लक्षणों को सामान्य कर सके. दीपिका पादुकोण उन स्तरों को कुछ बिंदुओं पर हिट करती हैं. मेघना ने अपनी मुस्कुराहट के आधार पर स्क्रीन को जलाया और वह इसमें काफी सफल रही. मालती के किरदार में दीपिका पादुकोण फिल्म की सबसे मजबूत पक्ष रहीं. मालती के चलने, बोलने, चिल्लाने, हंसने, लड़ने.. हर हाव भाव में दीपिका रच बस गई हैं. मालती की आंखों में दर्द और दिल में उम्मीद दिखाने में दीपिका सफल रहीं. कोई शक नहीं कि यह उनके करियर की सबसे बेहतरीन परर्फोमेंस में से एक है.

विक्रांत मैसी को एक बहुत ही आधा चरित्र मिला. वह वास्तव में कहानी में फिट होने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके स्क्रीन-स्पेस के प्रमुख भाग के दौरान कोई ठोस पदार्थ नहीं मिल सकता है. सहायक कलाकार से, मधुरजीत सरगी जो वकील की भूमिका निभाते हैं, वह अभूतपूर्व है. इप्शिता चक्रवर्ती अपने कैमियो में शानदार हैं.

छपाक मूवी रिव्यू: डायरेक्शन, म्यूजिक

चलो इसे इस तरह से रखें- मुझे उम्मीद थी कि अगर तलवार नहीं तो कम से कम राज़ी का स्तर होगा, लेकिन मेघना गुलज़ार को यह याद नहीं है. यह विषय की संवेदनशीलता को बनाए रखने के कारण हो सकता है, लेकिन बहुत सारी चीजें गायब हैं. उनके पास स्वादिष्ट भोजन पकाने के लिए थाली पर सब कुछ था, लेकिन वह सामग्री के साथ खिलवाड़ करती नजर आई. मेघना एक चौंकाने वाले नोट पर समाप्त होने का विकल्प चुनती है. ऐसा लगता है कि मेघना ने जल्दबाजी में फिल्म को समाप्त करने की कोशिश की है.

फिल्म में सिर्फ दो गानों को शामिल करने का सही फैसला लिया गया है, लेकिन शंकर-एहसान-लॉय का रोमांटिक ट्रैक, नोक-झोक के साथ प्रभावित करने में विफल रहता है. अरिजीत सिंह द्वारा शीर्षक ट्रैक सभी को झकझोर कर रख देता है.

छपाक मूवी रिव्यू: द लास्ट वर्ड

कुल मिलाकर, छपाक एसिड-हमले के जघन्य अपराध के लिए दंडात्मक सजा का खुलासा करने के लिए एक साहसिक बयान देता है. यह कहानी आपको विचलित करने के साथ साथ सोचने पर मजबूर करेगी. कहीं न कहीं यह अशांति फैलाता है.

तीन स्टार!

छपाक ट्रेलर…

छपाक 10 जनवरी, 2020 को रिलीज़ होगी.

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