पंगा मूवी रिव्यू रेटिंग: 3/5 स्टार्स (तीन स्टार्स)

स्टार कास्ट: कंगना रनौत, जस्सी गिल, यज्ञ भसीन, ऋचा चड्ढा, नीना गुप्ता

निर्देशक: अश्विनी अय्यर तिवारी

क्या अच्छा है: फिल्म में यज्ञ भसीन ने अपने किरदार को बेहद ही शानदार तरीके से निभाया है. वहीं, कंगना का किरदार दर्शकों के दिल में उतरकर एक भरोसा बनाता है.

क्या बुरा है: ड्रामा और खेल के बीच संर्घष को दिखाया गया है, जिसमें दुर्भाग्य से केवल एक जीतता है. कहीं न कहीं कुछ समय के लिए यह आपको निराश कर सकता है.

लू ब्रेक कब लें: दूसरे हॉफ के दौरान फिल्माए गए मैचों में आप जा सकते हैं क्योंकि आप जानते हैं कि आखिर कौन जीतेगा.

देखें या नहीं?: इसे जानने के लिए पहले आप पढ़ें और इस बात से रूबरू हों कि आखिरकार आप स्पोर्ट्स-ड्रामा में क्या देखना पसंद करते हैं.

यह कहानी उस हर मां के लिए है, जो अपने सपने पूरा करने की हिम्मत तो रखती है, लेकिन कुछ मजबूरियां उन्हें आगे बढ़ने से रोक लेती है. फिल्म के डॉयलॉग कहीं न कहीं आपका दिल जीत लेते हैं. वहीं, यह भी सोचने पर मजूबर करते हैं कि आखिरकार बदलाव की कितनी जरूरत है. हम यूं कहेंगे कि “हर मां दूसरे अवसर की हकदार है.”

हमारे पास जया निगम (कंगना रनौत) है, जो कभी भारत की महिला कबड्डी टीम का नेतृत्व करती थी. इसके बाद उनकी शादी हो जाती है फिर एक आम जिदंगी की तरह किसी की मां और बीवी बन अपना जीवन व्यतीत करती हैं. वहीं, हर पल जया इस बोझ के साथ जी रही है कि वह अपने जीवन में क्या कर सकती है और उसने इसके बजाय क्या चुना. वह हर बार कहती है, “मैं क्या कर सकती थी और मैं क्या कर रही हूं?”

कहते हैं जिदंगी के बुरे व्यक्त में अगर किसी का साथ मिल जाएं तो हम हर मुश्किल से मु्श्किल वक्त का सामना कर लेते है. ठीक उसी तरह जया निगम के पति प्रशांत (जस्सी गिल) उनके दर्द को महसूस करते हैं. साथ ही साथ उनके सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखते हैं.

जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे-वैसे जया अपनी पुरानी जिंदगी में वापस लौटने की तैयारी में हैं. जया अपनी पुरानी जिंदगी जीने की कोशिश करती है तो उसकी मुलाकात पुरानी दोस्त मीनू (ऋचा चड्ढा) से होती है, जो उसके साथ कबड्डी खेलती थी. दिलचस्प बात तो यह है कि वह अपने सपने को जी रही है वो भी एक सफल कोच के रूप में.

हमने सुना है बच्चे भगवान का रूप होते हैं. ठीक उसी तरह जया का बेटा अपनी मां का दर्द समझता है. शायद इसीलिए वह उनके सपने को पूरा करने का अपना मकसद बना लेता है. फिर इसी सपने को उसकी मां यानी जया पूरा करती है. पीछे ना हटने की जीद उसे सफल बनाती है. राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए उसका संर्घष आपका दिल जीत लेगी.

पंगा मूवी रिव्यू: स्क्रिप्ट एनालिसिस

अश्विनी अय्यर तिवारी ने जिस तरह से अपनी कहानी में जिंदगी के हर पहलू को दिखाया और उनसे प्यार किया है. इससे पता चलता है कि वे वास्तविकता के सबसे करीब हैं. पहले हॉफ के सीन्स आपको अपनी ओर आकर्षित करती है, लेकिन मुझे एक चीज की कमी खली और वो थी स्पोर्ट्स एंगल को नहीं दिखना.

वहीं, कुछ सीन्स बेहद ही खूबसूरत तरीके से दर्शाए गए, लेकिन कभी-कभी कुछ अपना संतुलन नहीं बना पाते हैं. फिर भी दूसरे हॉफ में सब संभल जाता है. फिल्म के फर्स्ट हॉफ में कहीं-कहीं लगता है कि कहानी खिंच रही है, लेकिन दूसरे हॉफ में आप भावनाओं में डूबा महसूस करते हैं.

पंगा मूवी रिव्यू: स्टार परफॉर्मेंस

एक कबड्डी खिलाड़ी और मध्यम वर्गीय नौकरीशुदा गृहणी के किरदार में कंगना रनौत बेहद दमदार लगी रही हैं. अपने किरदार के हर छोटे से छोटे पल को कंगना ने खास बना दिया है. जया के हर भाव, हर सोच के साथ आप खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे. वहीं, एक सपोर्टिव पति के किरदार में जस्सी गिल बेहतरीन लगे हैं और 7 वर्षीय बेटे के किरदार में यज्ञ भसीन जब भी स्क्रीन पर आए, दिल जीत कर ले गए.

यज्ञ भसीन के हिस्से में कुछ शानदार संवाद हैं, जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ निभाया है. ऋचा चड्ढा ने मीनू के किरदार के साथ पूरा न्याय किया है. कंगना रनौत और ऋचा चड्ढा के बीच कई अहम दृश्य हैं और दोनों ही कलाकारों के बीच गजब की कैमिस्ट्री दिखी है. सहायक भूमिका में नीना गुप्ता याद रह जाती हैं.

पंगा मूवी रिव्यू: निर्देशन, संगीत

अश्विनी अय्यर तिवारी ज़िंदगी की खूबसूरती को दिखाना बखूबी जानती हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे भाग में विफल रहती है. कहानी बेहद संजीदगी के साथ कही गई है, लिहाजा सीधे दिल को जाकर छूती है. निर्देशक ने छोटे छोटे खास लम्हों और रिश्तों को पूरी सच्चाई के साथ पेश किया है. चाहे वो पति- पत्नी का रिश्ता हो, मां- बेटे का, पिता- बेटे का या फिर दो दोस्तों का.

वहीं, मां के ख्वाबों के साथ कबड्डी जैसे खेल को जोड़ देना विषय को और भी दमदार बना दिया. निर्देशक ने कबड्डी के थ्रिल को भी बरकरार रखा है.

फिल्म का संगीत दिया है शंकर- अहसान- लॉय ने और गाने लिखे हैं जावेद अख्तर ने. फिल्म के गाने कहानी के साथ साथ ही चलते जाते हैं और भावनात्मक स्तर मजबूत भी बनाते हैं.
पंगा मूवी रिव्यू: द लास्ट वर्ड

कुल मिलाकर, पंगा हर महिला के ख्वाबों को पूरा करने का हौसला देती है. चंद शब्दों में कहें तो “हर मां दूसरे अवसर की हकदार है.”

तीन स्टार्स!

पंगा ट्रेलर…

पंगा 8 जनवरी, 2020 को रिलीज़ हुई.

पंगा देखने का अपना अनुभव हमसे साझा करें.

यह भी देखें